उद्योग समाचार

कृषि में जीपीएस अनुप्रयोग और इसके फायदे

ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) और भौगोलिक सूचना प्रणाली (जीआईएस) के संयोजन से सटीक कृषि या साइट-विशिष्ट खेती का विकास और कार्यान्वयन संभव हो गया है। ये प्रौद्योगिकियाँ सटीक स्थिति की जानकारी के साथ वास्तविक समय के डेटा संग्रह के युग्मन को सक्षम करती हैं, जिससे बड़ी मात्रा में भू-स्थानिक डेटा का कुशल हेरफेर और विश्लेषण होता है। सटीक खेती में जीपीएस आधारित अनुप्रयोगों का उपयोग खेत नियोजन, फील्ड मैपिंग, मिट्टी नमूनाकरण, ट्रैक्टर मार्गदर्शन, फसल स्काउटिंग, चर दर अनुप्रयोगों और उपज मानचित्रण के लिए किया जा रहा है। जीपीएस किसानों को कम दृश्यता क्षेत्र की स्थितियों जैसे बारिश, धूल, कोहरे और अंधेरे के दौरान काम करने की अनुमति देता है।

1परिशुद्धता मिट्टी नमूनाकरण, डेटा संग्रह, और डेटा विश्लेषण, रासायनिक अनुप्रयोगों के स्थानीयकरण भिन्नता और क्षेत्र के विशिष्ट क्षेत्रों के अनुरूप रोपण घनत्व सक्षम करते हैं।

2सटीक क्षेत्र नेविगेशन अनावश्यक अनुप्रयोगों और स्केप किए गए क्षेत्रों को कम करता है, और कम से कम समय में अधिकतम जमीनी कवरेज को सक्षम बनाता है।

3कम दृश्यता क्षेत्र की स्थितियों जैसे बारिश, धूल, कोहरे और अंधेरे के माध्यम से काम करने की क्षमता उत्पादकता बढ़ाती है।

4सटीक रूप से मॉनिटर किए गए उपज डेटा भविष्य की साइट-विशिष्ट फ़ील्ड तैयार करने में सक्षम बनाता है।

5मानव "फ्लैगर्स" की आवश्यकता का उन्मूलन स्प्रे दक्षता बढ़ाता है और ओवर-स्प्रे को कम करता है।

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